UP किसान कर्ज राहत लिस्ट 2026 — नई माफी का सच और नाम देखने का तरीका
Manish Kumar · अपडेटेड: 16/08/2026
सबसे पहले वह बात, जो बाकी वेबसाइटें छुपाकर आपको headline में उलझाती हैं: यह योजना — किसान ऋण मोचन योजना — 2017 की है, और जनवरी 2026 तक कोई नई कर्ज माफी घोषित नहीं हुई है। जो काम अभी चल रहा है, वह पुराने पात्र मामलों का निपटारा है — वे किसान जिनका नाम पहले छूट गया था या जिनकी शिकायतें लंबित थीं। "2026 की नई लिस्ट जारी" वाले WhatsApp मैसेज अभी तक हर बार झूठे निकले हैं।
तो यह लेख किसके काम का है? तीन तरह के लोगों के — जिनका 2016 से पहले का फसली ऋण था और वे देखना चाहते हैं कि माफी मिली या नहीं; जिनका नाम छूट गया था और शिकायत का रास्ता चाहिए; और वे सब जो fake लिंक से बचना चाहते हैं। सच यह भी है कि इस योजना के बारे में पूछने वालों में बड़ी संख्या उनकी है जिनका case शर्तों के हिसाब से बनता ही नहीं। वही कड़वा सच पहले।
पहले खुद जांचिए — आपका case बनता है या नहीं
नीचे की हर शर्त पूरी होनी चाहिए। एक भी ✗ में फंसे तो लिस्ट में नाम ढूंढने में समय मत गवाइए:
- ✓उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हैं
- ✓जमीन 2 हेक्टेयर तक है (छोटे/सीमांत किसान)
- ✓लोन फसली ऋण है — KCC का crop loan चलेगा — और 31 मार्च 2016 तक बकाया था
- ✓बैंक सही श्रेणी का है — scheduled commercial, सहकारी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
- ✗2016 के बाद का नया लोन — दायरे से बाहर
- ✗ट्रैक्टर, गोल्ड, personal, dairy लोन या NBFC/microfinance का कर्जा — बाहर
- ✗2 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन — बाहर
और माफी की सीमा — ₹1 लाख तक, प्रति किसान। लोन इससे बड़ा था तो बचा हुआ हिस्सा आपको ही भरना है, और उस पर ब्याज चलता रहेगा — बैंक से बाकी रकम का हिसाब लिखवा लीजिए।
असली पोर्टल एक ही है — पहचानने का तरीका
सरकारी पोर्टल है upkisankarjrahat.upsdc.gov.in — NIC का बनाया हुआ। कोई भी लिंक सामने आए तो तीन चीजें देखिए: पते के आखिर में .gov.in है या नहीं (karjmafi-list.com जैसे नाम देखते ही बंद कीजिए), कोई APK download तो नहीं करवा रहा (सरकार लिस्ट देखने के लिए app नहीं बनवाती), और आधार-OTP या कार्ड की जानकारी पहले तो नहीं मांग रहा (लिस्ट देखने के लिए इनकी जरुरत ही नहीं पड़ती)। केंद्र सरकार खुद advisory जारी कर चुकी है कि किसान योजनाओं के नाम पर fake लिंक आधार और बैंक की जानकारी चुराते हैं — एक गलत click और DBT का पैसा ही खतरे में।
लिस्ट में नाम ऐसे देखिए
- पोर्टल के homepage पर "ऋण मोचन की स्थिति देखें" वाला विकल्प चुनिए।
- अपना जिला, फिर बैंक और ब्रांच चुनिए।
- KCC / लोन खाते की जानकारी डालिए — जो पासबुक या sanction letter पर लिखी है।
- Submit करते ही स्थिति खुल जाएगी। नाम है तो नीचे NOC वाला हिस्सा पढ़िए; नहीं है तो शिकायत वाला।
लोन खाता नंबर नहीं मिल रहा? तीन जगह देखिए — KCC पासबुक का पहला पन्ना, sanction letter, या सहकारी लोन है तो समिति का खाता register। कुछ न मिले तो आधार लेकर बैंक ब्रांच जाइए, record से नंबर निकल जाता है। और नतीजे का स्क्रीनशॉट तारीख के साथ जरूर ले लीजिए — बाद में बैंक या समिति में बात करनी पड़े तो यही काम आता है।
नाम है — तो ये तीन काम बाकी हैं
माफी की रकम आपके हाथ में नहीं आती — सरकार उसे सीधे लोन खाते में डालती है, यानी बैंक का बकाया कम होता है। बचत खाते में कोई credit नहीं दिखेगा। इसलिए: बैंक जाकर statement निकलवाइए और confirm कीजिए कि रकम लोन खाते में चढ़ी है; लोन पूरा cover हुआ हो तो No Dues Certificate मांगिए — यह आपका हक है, एहसान नहीं, और आगे नया KCC लेने में यही कागज काम आएगा; और लोन बड़ा था तो बचे हिस्से का हिसाब लिखवा लीजिए।
नाम नहीं है — शिकायत का रास्ता
- पोर्टल के "शिकायत दर्ज करें" वाले हिस्से से complaint format भरिए — नाम, लोन खाता, बैंक ब्रांच और दिक्कत।
- भरा फॉर्म collectorate के helpdesk या जिला कृषि अधिकारी के यहां जमा कीजिए — receiving कॉपी लेकर आइए, वही आपका सबूत है।
- "शिकायत की स्थिति जानें" से complaint का हाल देखते रहिए — complaint नंबर संभालकर रखिए।
समय की सच्चाई भी सुन लीजिए — जांच बैंक और जिला समिति दोनों स्तर पर होती है, इसलिए हफ्तों लगना आम बात है। महीने भर में कोई हरकत न दिखे तो receiving कॉपी लेकर जिला कृषि अधिकारी के दफ्तर खुद जाइए। नाम कटने की आम वजहें: लोन cut-off के बाद का निकला, जमीन का record 2 हेक्टेयर से ज्यादा दिखा (joint खाता भी गिनती में आता है), आधार और लोन खाते के नाम की स्पेलिंग नहीं मिली, या एक से ज्यादा लोन खातों में सिर्फ पात्र वाला गिना गया।
कर्ज माफी का इंतजार मत कीजिए — ये रास्ते अभी खुले हैं
अगर आपका case इस योजना में नहीं बनता, तो अटकिए मत। केंद्र की ₹6,000 सालाना वाली योजना का पूरा हिसाब पीएम किसान मास्टर गाइड में है, और उसका पैसा बैंक से लौट रहा हो तो भुगतान फेल होने की गाइड देखिए — आधे मामले आधार सीडिंग से ही सुलझ जाते हैं। रोमन हिंदी में इस कर्ज माफी की और बारीक डिटेल हिंग्लिश वाले विस्तृत लेख में है।
किसानों के असली सवाल, सीधे जवाब
नई कर्ज माफी कब आएगी? WhatsApp पर मैसेज घूम रहा है कि 2026 में सबका कर्ज माफ होगा।
ईमानदार जवाब: जनवरी 2026 तक उत्तर प्रदेश सरकार ने किसी नई कर्ज माफी की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। जो योजना चल रही है वह 2017 वाली ऋण मोचन योजना है, जिसमें छूटे हुए पुराने पात्र मामले निपटाए जा रहे हैं। WhatsApp का "नई लिस्ट जारी" वाला हर मैसेज अभी तक झूठा निकला है। नई घोषणा होगी तो सरकारी पोर्टल और अखबारों में आएगी — किसी लिंक से नहीं।
मेरा लोन 2019 का है — क्या यह माफ हो सकता है?
नहीं। योजना में सिर्फ वही फसली ऋण आते हैं जो 31 मार्च 2016 तक बकाया थे। 2016 के बाद का लिया लोन — चाहे KCC का ही क्यों न हो — इस योजना के दायरे से बाहर है। पुराने KCC का renewal करके बना नया खाता भी बाहर रह सकता है, इसलिए sanction की तारीख बैंक से निकलवाकर देखिए।
लिस्ट में नाम देखने के लिए क्या-क्या चाहिए?
सिर्फ जिला, बैंक, ब्रांच और अपने लोन खाते की जानकारी — जो KCC पासबुक या sanction letter पर लिखी है। आधार OTP या ATM कार्ड की जरूरत नहीं पड़ती। कोई पेज OTP या कार्ड नंबर मांगे तो वह सरकारी नहीं है — वहीं बंद कर दीजिए।
नाम लिस्ट में नहीं है, पर मैं शर्तें पूरी करता हूं — अब क्या?
पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने का अलग हिस्सा है — "शिकायत दर्ज करें" से format भरकर collectorate के helpdesk या जिला कृषि अधिकारी के यहां जमा कीजिए और receiving कॉपी लीजिए। स्थिति "शिकायत की स्थिति जानें" से देखते रहिए। जांच बैंक और जिला समिति दोनों स्तर पर होती है, इसलिए हफ्तों का समय लगना आम बात है।
माफी की रकम मेरे बचत खाते में कब आएगी?
बचत खाते में कभी नहीं आएगी — यही सबसे बड़ी गलतफहमी है। सरकार रकम सीधे आपके लोन खाते में डालती है, यानी बैंक का बकाया उतना कम हो जाता है। हाथ में पैसा नहीं आता। लोन पूरा cover हो जाए तो बैंक से No Dues Certificate जरूर ले लीजिए।
ट्रैक्टर लोन और गोल्ड लोन भी माफ होंगे क्या?
नहीं। योजना सिर्फ फसली ऋण (crop loan) के लिए है — commercial बैंक, सहकारी बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से लिया हुआ। ट्रैक्टर लोन, गोल्ड लोन, personal लोन, dairy लोन और microfinance/NBFC का कर्जा — सब दायरे से बाहर हैं।
